source: Middle East Monitor

संयुक्त अरब अमीरात विदेश मामलों के राज्य मंत्री अनवर गर्गश ने कहा कि नई यमनी राज्य की रक्षा के लिए गृहयुद्ध में राजनीतिक समाधान मिलने के बाद भी सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना यमन में रहेगी.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, अमेरिका की न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए मंत्री ने कहा: “जो भी यमनी राज्य उभरता है वह शुरुआत में एक कमजोर राज्य होगा, और अगर हम आतंकवाद को खत्म नहीं करते हैं तो उसे परेशान किया जाएगा.”

अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, UAE मंत्री ने कहा कि, “मुझे लगता है कि अल-कायदा को खत्म करने के लिए यह एक सुनहरा मौका है. अल-कायदा के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में हमें बड़ी सफलता मिली है.

आपको बता दें कि, मंत्री की टिप्पणियां तब सामने आईं जब उनके देश ने वैध सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दबाव डालने से पहले यमनी द्वीप सोकोतरा ​​पर कब्जा किया है.

संयुक्त अरब अमीरात ईरान समर्थित हुतियों के खिलाफ यमन में सऊदी नेतृत्व वाले अरब गठबंधन का हिस्सा है और राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सलेह को हटाने के प्रति वफादार है. गठबंधन ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित अब्द रब्बूह मंसूर हादी को बहाल करने के लिए 2015 में युद्ध में प्रवेश किया था. हालांकि हाल के महीनों में संयुक्त अरब अमीरात गठबंधन के उद्देश्यों के विपरीत, यमन को दो देशों (उत्तरी और दक्षिण) में विभाजित करने के प्रयास में दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद का समर्थन कर रहा है.