मिलाद उन नबी को चिह्नित करते हुए, राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोआन ने जोर देकर कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के उम्माह (समुदाय) इतनी मजबूत है की कोई उसे तोड़ नही सकता।

इस्तांबुल में एक समारोह में एर्दोआन ने कहा, “जो लोग हमारे देश से हज़ारों या दसियों हज़ार किलोमीटर दूर हैं, उनकी समस्याओं के बारे में हमें क्या चिंता है, जो एक आम संप्रदाय के रूप में इस्लाम है, और एक उम्मा होने की चेतना है।”

साथ ही एर्दोगान ने कहा कि हम दुनियाभर के मुस्लिमों की हर परेशानी की फिक्र है। उन्होंने कहा, “यूनिवर्सल मुस्लिम फेलोशिप की कोई सीमा नहीं है। कोई भी हमारे बीच कलह नहीं कर सकता है,” करते है और अल्लाह से दुनिया में अमन की दुआ करते है।

साथ ही एर्दोगान ने सिरियाई लोगों की हिफाज़त के लिए उठाये गए कदमों पर भी चर्चा की।