एर्दोगान ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के 74 वें महाधिवेशन में अपने जोशीले भाषण में फिलिस्तीनियों को निशाना बनाते हुए इज’रायल की आक्रामकता के खिलाफ खड़े होने के तुर्की के संकल्प को दोहराया।

उन्होने कहा, “इज़’राइल राज्य की सीमाएँ कहाँ हैं? क्या यह 1948 की सीमाएँ, 1967 की सीमाएँ हैं, या यह कोई सीमा नहीं है?” एर्दोआन ने सदस्य राष्ट्रों के नेताओं से पूछा, यह कहते हुए कि फिलिस्तीनी क्षेत्रों की इज’रायल की जब्ती वैध नहीं है।


एर्दोआन ने उल्लेख किया कि वैश्विक समुदाय और यू.एन. को फिलिस्तीनी लोगों को “केवल वादों से परे” का समर्थन करने के लिए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

एर्दोगान ने आगे कहा कि, गोलान हाइट्स और वेस्ट बैंक की बस्तियों को कैसे जब्त किया जा सकता है, दुनिया के नजरों में पहले अन्य कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों की तरह, अगर वे इस राज्य की सीमाओं के भीतर नहीं हैं?”


उन्होंने राज्य और फिलिस्तीन के लोगों को खत्म करने के उद्देश्य से “डील ऑफ द सेंचुरी” के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया। राष्ट्रपति ने कहा, “फिलिस्तीन के दबे-कुचले लोगों के साथ तुर्की हमेशा खड़ा रहेगा।