SOURCE: MIDDLE EAST MONITOR

तुर्की ने उन सभी देशों को चेतावनी दी है जो  लोग यरूशलेम के प्रति उदासीन हैं, वे इतिहास से शर्मिंदा होंगे. तुर्की अली अरबाश में धार्मिक मामलों के प्रमुख ने चेतावनी जारी करने के बाद यह बयान दिया है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, अरबाश ने कहा कि “इस्लामोफोबिया का इस्तेमाल मुस्लिमों के खिलाफ नफरत  फैलाने और बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर के मुसलमानों को लक्षित किया जा रहा है.”

अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने मुसलमानों की हिफाज़त और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपायों को लागू करने के लिए मुस्लिम जगत से आग्रह किया की जेरूसलम को बचाना हम सब का कर्तव्य है.

आधिकारिक ने जोर देकर कहा कि जेरूसलम मानवता और मुसलमानों के दिलों में बसा है और कानून और नैतिकता का एक उपाय है. मस्जिद अल-हरम और मस्जिद अल-नबवी के बाद मस्जिद अल-अक्सा इस्लाम की तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद है.

संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजराइल द्वारा कब्जे वाले जेरूसलम में अपने नए दूतावास का उद्घाटन की खबर सुनकर  दुनिया भर के मुस्लिमों में गुस्सा फ़ैल गया. जिसमें 65 से अधिक फिलिस्तीनी शहीद हुए, जबकि 3000 से ज्यासा घायल हुए.