सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने कहा कि वह पड़ोसी तुर्की को ‘दुश्मन’ नहीं बनाना चाहते। असद का यह बयान ऐसी स्थिति में आया जब तुर्की ने पकड़े गए 18 सीरियाई फौजी को रूस के कहने पर को छोड़ दिया।

असद ने कहा, हालांकि सीरिया विरोधी नीतियों के चलते तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन खुद एक “दुश्मन” हैं और उनके अपने देश के प्रमुख राजनेता उनका विरोध करते हैं। उन्होने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम तुर्की को दुश्मन में न बदलें और यहां दोस्तों, जैसे रूस और ईरान, की भूमिका शुरू होती है।”


दूसरी और तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट किया, “29 अक्टूबर को पकड़े गए सैनिकों को रूसी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद छोड़ दिया गया।“ र्व में तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने कहा था कि पकड़े गए 18 सैनिकों में से दो का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

तुर्की ने मंगलवार को सीमावर्ती शहर रास-अल-ऐन के पास 18 सैनिकों को पकड़ा था। उसके बाद अधिकारियों द्वारा उनके सरकारी सैनिक होने की जाँच की गयी। राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन बार बार कहते रहे हैं कि तुर्की कुर्द लड़ाकों को आं’तकवा’दी मानता है और उन्हें वर्दी पहन कर सीरिया-तुर्की सीमा पर नहीं रहने देगा।

तुर्की ने पिछले हफ्ते रूस से एक करार के बाद अपना अभियान रोक दिया था। इस समझौते में सीरिया से लगने वाली तुर्की की सीमा से सीरियाई-कुर्द लड़ाकों को हटाने की बात है। इसका मकसद यहां एक “सेफ जोन” (सुरक्षित इलाका) बनाना है जहां अंकारा की योजना उन 36 लाख सीरियाई शरणार्थियों को बसाने की है जो उसके यहां अभी शरण लिये हुए हैं।

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