रूस से मिसाइल सिस्टम एस-400 की ख़रीदारी के बाद अमरीका की ओर से तुर्की पर लगातार डाले जाने वाले दबाव पर इस देश के राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया दिखाई है। अर्दोग़ान ने कहा है कि अमरीकी कंपनी बोइंग से दस अरब डाॅलर के विमान ख़रीदने का सौदा संभवतः अब अमरीका से न होकर रूस से होगा।

अमरीका की ओर से तुर्की को धमकियां देना कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान इन दोनो देशों के बीच कई विषयों पर तनाव देखने को मिला है। इन तनाव के नतीजे में तुर्की की तुलना में अमरीका को अधिक आर्थिक नुक़सान हुआ है।

इसी बीच तुर्की यह प्रयास कर रहा है कि अमरीका से अपनी निर्भर्ता को कम करने के लिए वह ईरान तथा रूस से संबन्धों को अधिक मज़बूत करे। अमरीका तुर्की को यह धमकी पहले ही दे चुका है कि अगर उसने रूस से हथियार ख़रीदने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध प्रतिबंध लगा दिये जाएंगे। इसी बीच तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने रूस से मिसाइल सिस्टम एस-400 की ख़रीदारी को अपनी ज़रूरत बताया है।

इस अमरीकी धमकी के जवाब में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने कहा है कि अगर अमरीका ने एसा किया तो फिर अंकारा, वाशिग्टन से 100 यात्री विमान की ख़रीदारी के समझौते को निरस्त कर देगा। वास्तव में अमरीका, तुर्की को इस स्थिति में धमका रहा है कि जब उसके पास कई विकल्प पहले से मौजूद हैं।

अर्दोग़ान के बयान पर रूस के एक सैन्य विशेषज्ञ “वैसली कैसीन” कहते हैं कि इससे पता चलता है कि तुर्की, अमरीका से अपनी निर्भर्ता कम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि रूस से विमान ख़रीदने के बारे में अर्दोग़ान का बयान इसी बात की पुष्टि करता है।