अमेरिका के ईरान के साथ परमाणु समझौते को रद्द करने के बाद अब तुर्की राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप ने ईरान के साथ बहुपक्षीय परमाणु समझौते के लिए समर्थन की आवाज़ उठायी है.

एर्दोगान ने कहा कि, “तुर्की के रूप में, हम ईरान परमाणु समझौते सहित फिर से ज्वलंत मुद्दों को स्वीकार नहीं करते हैं, जिनकी आड़ में राजनीती खेली जा रही है. अमेरिकी प्रशासन के फैसले के मुकाबले समझौते के प्रति निष्ठा बताते हुए अन्य हस्ताक्षरकर्ता मिलते हैं, एर्दोगान का यह बयान अंकारा में विश्व राजदूत के साथ इफ्तार पार्टी के दौरान सामने आया है.

राष्ट्रपति एर्दोगान ने आगे कहा कि, “हमारे देश और क्षेत्र के खिलाफ मुख्य खतरा परमाणु हथियार हैं.”उन्होंने कहा कि, “कम से कम 15,000 परमाणु हथियार वाले लोग अब दुनिया को धमकी दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि, पूरी दुनिया को परमाणु हथियार से मंजूरी दे दी और कहा कि तुर्की का मानना ​​है कि परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, ना की हमला करने के लिए.

भूमध्य तट पर तुर्की के अक्कुयू जिले में पहले परमाणु संयंत्र का निर्माण 3 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा आयोजित एक समारोह के साथ शुरू किया गया था. यह 2023 में संचालन के लिए निर्धारित है.

आपको बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 मई को ईरान के साथ परमाणु समझौते से वापस लेने का फैसला लिया इसके ऊपर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ ने 21 मई को सैन्य दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों के साथ ईरान को “कुचलने” की कसम खाई थी.

हालांकि, जर्मनी, फ्रांस और यूके के नेताओं ने 17 मई को बुल्गारिया में ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी बैठक के बाद ईरान के साथ समझौते को कायम रखने पर सहमति ज़ाहिर की.