तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने सोमवार को कहा कि यरूशलेम और फिलिस्तीन के मामले में ऐसा लगता है कि तुर्की को अकेला छोड़ दिया गया है। लेकिन फिर भी वह फिलिस्तीनो का समर्थन करना बंद नहीं करेगा।

एर्दोआन ने इस्तांबुल में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की एक बैठक में कहा, “फिलिस्तीन और यरुशलम में हालात बिगड़ रहे हैं क्योंकि कुछ अरब देश इ’जरा’यल के उल्लं’घनों को बढ़ावा देते हैं। मुझे लगता है कि तुर्की अकेला रह गया है, लेकिन हम दबंगों के साथ खड़े रहेंगे। ।

एर्दोआन ने कहा कि इस्लामी देशों में विभाजन, विघटन और शासन का साम्राज्यवादी दृष्टिकोण जारी है। एर्दोआन ने कहा, “मुसलमानों, जो आज दुनिया की आबादी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा बनाते हैं, दुर्भा’ग्य से, उनके पास राजनीतिक प्रभाव या आर्थिक, सामाजिक या सांस्कृतिक कौशल नहीं है।”

उन्होंने कहा कि मानव विकास सूचकांक में 0.806 मूल्य के बाद पहली बार 2018 में तुर्की को उच्च विकास श्रेणी में वर्गीकृत किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि तुर्की 189 देशों और क्षेत्रों में 59 वें स्थान पर है।

सऊदी परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 


न्यूज़ अरेबिया एकमात्र न्यूज़ पोर्टल है जो अरब देशों में रह रहे भारतीयों से सम्बंधित हर एक खबर आप तक पहुंचाता है इसे अधिक बेहतर बनाने के लिए डोनेट करें
डोनेशन देने से पहले इस link पर क्लिक करके पढ़ें Click Here
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here