तुर्की राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान मुस्लिम देशों के लीडर माने जाते है. एर्दोगान विश्व के 500 सबसे प्रभावशाली मुस्लिमों के 2019 संस्करण में पहली स्थान पर हैं. दुनिया के मुस्लिम ही नहीं बल्कि गैर-मुस्लिम देशों के लिए एर्दोगान समय-समय पर अपनी आवाज़ बुलंद करते आयें है.

तुर्की मीडिया डेली सबाह के मुताबिक, जॉर्डन स्थित रॉयल इस्लामिक स्ट्रैटेजिक स्टडीज सेंटर द्वारा सालाना तैयार, पुस्तक में नोट किया गया है कि अगस्त 2014 में  तुर्की के पहले लोकप्रिय निर्वाचित राष्ट्रपति बने और फिर 52.5 प्रतिशत वोट के साथ 2018 के चुनाव में दूसरा कार्यकाल हासिल किया.

एर्दोगान है दुनिया के चहेता नेता 

प्रकाशन में कहा गया है कि एर्दोगान के शब्दों के दौरान, तुर्की ने “संवैधानिक सुधार और एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में पुनर्जन्म” किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एर्दोगान के नेतृत्व में, तुर्की ने अपने सभी सात भूमि-पड़ोसियों, विशेष रूप से ग्रीस के साथ मजबूत संबंध बनाने और काले सागर के किनारे उन सभी देशों – एक महत्वपूर्ण व्यापार केंद्र और भूगर्भीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है.

“अफ्रीका में, एर्दोगान ने 20 से अधिक नए दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को खोला है, और जब सोमालिया को 2011 में अपंग अकाल और सूखे से पीड़ित हुई, तो एर्दोगान ने ना केवल सहायता दी, बल्कि अफ्रीका के बाहर से दो दशकों में सोमालिया जाने वालें पहले नेता बने.”

पिछले सालों की पुस्तक के संस्करणों में, एर्दोगान 2016 में 8 वें स्थान पर और 2017 और 2018 में 5 वां स्थान पर और अब 2019 के लिए एर्दोगान का नाम सबसे आगे है.