पिकैक्स और पावर टूल्स के साथ सशस्त्र पुलिस ने मालदीव में प्रसिद्ध ब्रिटिश मूर्तिकार द्वारा बनाई गयी आधुनिक मूर्तियों को तोड़ दिया. आपको बता दें की मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति (जिनका कार्यकाल पिछले हफ्ते समाप्त हुआ) ने इन मूर्तियों को इस्लाम में अपमानजनक करार देते हुए तुड़वाने के आदेश दिए थे. यहाँ का आधिकारिक मज़हब ‘इस्लाम’ है.

जुलाई में अब्दुल्ला यमीन ने मूर्तियों को ध्वस्त करने का आदेश दिया लेकिन शुक्रवार (21 सितंबर) तक राष्ट्रपति पद के चुनाव की पूर्व संध्या पर उनके शासन पर कार्य नहीं किया गया, जिसे वह उदार उम्मीदवार के पास हार गया. हालकी अब वह प्रधानमन्त्री नहीं है लेकिन उनका कदम बेहद सराहनीय है.

 

जेसन डेकायर्स टेलर द्वारा मूर्तियों की एक श्रृंखला जुलाई में अर्ध-डूबे हुए धातु घन के अंदर मालदीव के एक रिसॉर्ट में रखी गई थी, जो पर्यटकों के साथ लोकप्रिय 340,000 सुन्नी मुसलमानों का एक द्वीपसमूह है. मुसलमानों ने आईएम मूर्तियों पर आपत्ति जताई थी.

मालदीव में आधिकारिक धर्म इस्लाम है, इसलिए यहाँ के लोग मूर्तियों के चित्रण पर प्रतिबंध लगाता है, और इस काम ने क्लर्किक्स से कुछ आलोचना को उकसाया, भले ही मूर्तियों के पास कोई धार्मिक प्रतीक या अर्थ न हो.

यमीन ने जुलाई में कहा कि “कोरलारियम” के नाम से जाने वाली कलाकृति के खिलाफ “महत्वपूर्ण सार्वजनिक भावना” ने इसे नष्ट करने के अपने निर्णय को निर्देशित किया था.

आपको बता दें की, मालदीव में मूर्तियों का आयात प्रतिबंधित है. यहाँ इस्लाम आने से पहले द्वीपों में बौद्ध धर्म की लंबी विरासत के बावजूद भी बुद्ध के चित्रण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.