SOURCE-INSIDE SYRIA MEDIA CENTRE

ईरानी शौरा परिषद् के अध्यक्ष अली लारीजानी ने पुष्टि की है कि सीरिया और इराक में ईरान की सलाहकार उपस्थिति आतंकवाद से लड़ने में सहायता के लिए इन देशों की सरकार के अनुरोध पर है.”

क्या कहा ईरानी अध्यक्ष ने ? 

उन्होंने कहा की “अमेरिका का उद्देश्य इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने के लिए आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठन बनाना है. उनका उद्देश्य क्षेत्र में कहर बरक़रार रखना है और ईरानी लोगों को बड़ी सुरक्षा समस्या पैदा करना है,”.

इनसाइड सीरिया मीडिया की खबरों के अनुसार उन्होंने अभी हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ की परमाणु समझौते को “हास्यास्पद” के रूप में टिप्पणी करने पर कहा की “तेहरान कभी भी किसी के अधीन नहीं होगा वह जरुर अपनी शक्ति शाबित करेगा.”

डोनाल्ड ट्रंप ने की थी ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा 

जैसा की अरब नामा ने आपको पहले भी खबर दी थी की इस महीने के शुरूआती हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की. ओबामा के समय के इस समझौते की ट्रंप पहले ही कई बार आलोचना कर चुके थे. ट्रंप ने कहा था की , ‘‘ मेरे लिए यह स्पष्ट है कि हम ईरान के परमाणु बम को नहीं रोक सकते. ईरान समझौता मूल रूप से दोषपूर्ण है. इसलिए, मैं आज ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा कर रहा हूं.’’ इसके कुछ क्षण बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ ताजा प्रतिबंधों वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये और देशों को ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर उसके साथ सहयोग करने के खिलाफ चेताया था.