फिलिस्तीनियों ने इस जुमे की रैलियों को “एक मिलयन की रैली” का नाम दिया है।

इसी प्रकार फिलिस्तीनी का राष्ट्रीय दलों ने लोगों से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर धरना दें ताकि इस प्रकार फिलिस्तीनी जनता के विरुद्ध जारी अतिक्रमणकारियों के अपराध दुनिया के सामने आ सकें।

इसी प्रकार उन्होंने प्रदर्शनों को जारी रखने और अगले जुमे तक मस्जिदुल अकसा का समर्थन करे की अपील की है ताकि इस प्रकार इस दिन को क्रोद और कुद्स का दिन बनाया जा सके।

गाज़ा में नाकेबंदी को तोड़ने और विस्थापितों की वापसी के अधिकार के लिए प्रदर्शनों को आयोजित करने वाले केंद्र ने लोगों से अपील की है कि गाज़ा पट्टी की सीमा पर लाखों की संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करे और अधिग्रहण के विरुद्ध अपना विरोध जताएं।

विश्व कुद्स दिवस ईरानी क्रांति के संस्थापक इमाम खुमैनी की एक यादगार है। आप ने  ही पहली बार रमज़ान के महीने के अंतिम जुमे को विश्व कुद्स दिवस का नाम दिया था ताकि इस दिन सभी मुसलमान और दुनिया के स्वतंत्रता प्रेमी एक साथ जुड़कर एक आवाज़ में फिलिस्तीनियों और मुसलमानों के पहले किबले की सहायता में ज़ायोनियो के विरुद्ध युद्ध में शामिल हों। उसके बाद से वर्षों से इमाम खुमैनी की इस यादगार को मनाते हुए फिलिस्तीन की पीड़ित जनता के साथ एकजुटता दिखाने और फिलिस्तीनियों के विरुद्ध अमरीका और इस्राईल के अपराधों को निंदा के लिए लाखों की संख्या में लोग प्रदर्शन करते हैं।

ईरान के उच्चाधिकारियों ने भी पूरे देश में होने वाले प्रदर्शनों में लोगों से बड़ी संख्या में पहुँचने की अपील की है।

इस संबंध में, ईरानी संसद के फिलिस्तीन समर्थन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के स्थायी सचिवालय ने विश्व कुद्स दिवस के अवसर पर एक प्रेस रिलीज़ जारी करके विश्व कुद्स दिवस को मुसलमानों के बीच एकता, एकजुटता और अमरीका एवं ज़ायोनी शासन की साज़िशों के विरुद्ध दृढ़्ता का बेहतरीन मौका बतात हुए कहा है कि इस अवसर पर जनता अधिग्रहित ज़मीनों की आज़ादी और फिलिस्तीन की पूरी ऐतिहासिक धरती पर फिलिस्तीनी देश के गठन और उसकी राजधानी के तौर पर कुद्स को देखना चाहती है।

इस प्रेस रिलीज़ में सभी संस्थानों, लोगों और पूरी दुनिया में फिलिस्तीनी जनता के सभी समर्थकों से आह्वान किया है कि वह विश्व कुद्स दिवस की रैलियों में शामिल होकर दूसरे देशों की जनता के साथ आवाज़ से आवाज़ मिलाते हुए इस्लामी पवित्रताओं की सुरक्षा, फिलिस्तीन की प्रतिरोधी और पीड़ित जनता के समर्थन और ज़ायोनी शासन और ट्रम्प सरकार की परियोजनाओं पर अपना विरोध पूरी दुनिया के सामने प्रकट करें।

लेकिन दूसरी तरफ़ ज़ायोनी सैनिक अधिग्रहित फिलिस्तीन के विभिन्न क्षेत्रों में बेमतलब की हत्याओं और गिरफ्तारियों से भय फैला कर स्थिति को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस संबंध में फिलिस्तीन अलयौम न्यूज़ एजेंसी ने आज 6 जून को रिपोर्ट में कहा है कि ज़ायोनी सैनिकों ने आज वेस्ट बैंक के रामल्ला के अलनबी सालेह गाँव में कुछ मीटर की दूरी से एक फिलिस्तीनी युवक इज्ज़ुद्दीन अब्दुल हफीज़ अलतमीमी को गोली मार कर शहीद कर दिया।

चश्मदीदों का कहना है कि ज़ायोनी सैनिकों ने इस युवक की गर्दन में गोली मारी थी और घायल अवस्था में उसको गिरफ्तार किया और उस तक चिकित्सा सुविधाओं को नहीं पहुँचने दिया यहां तक कि आधे घंटे बाद अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई।

अलआलम न्यूज़ चैनल में भी अपनी ब्रेकिंग न्यूज़ में कहा है कि ज़ायोनी सैनिकों ने वैस्ट बैंक और अधिग्रहित कुद्स में हमला करके 13 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस शुक्रवार को विश्व कुद्स दिवस पर फिलिस्तीनियों के समर्थन में होने वाले रैलियों में लाखों लोग शामिल होंगे।

इसी प्रकार फिलिस्तीनियों के समर्थन के लिए सोशल मीडिया पर पूरी दुनिया में यह हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

#يوم_القدس_مسيرة_العودة       (अरबी)

#יום_אלקודס_צעדת_השיבה     (इबरी)

#روز_قدس_بازگشت_بقدس       (फारसी)

#QudsDay4Return