इज’राइ’ल में सत्ता परिवर्तन हुआ है। बेंजामिन नेतन्याहू को प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी है। उनके जाने से सबसे ज्यादा खुशी फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतयेह को हुई है। उन्होंने सोमवार को कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू के इ’जरा’यल के प्रधानमंत्री के पद से हटने से इ’ज’राय’ल-फिलिस्तीनी संघर्ष के सबसे बुरे दौर की समाप्ती हुई है।

इज़राइल के नए पीएम नेफ्ताली बेनेट

फिलिस्तीनी प्राधिकरण की साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से पहले शतयेह ने कहा, “12 साल की सत्ता के बाद इ’जराय’ल के प्रधानमंत्री का जाना इज’राय’ल-फिलिस्तीनी संघर्ष के इतिहास में सबसे खराब अवधि में से एक का अंत है।”

रविवार को, इज’राइ’ल की संसद ने दक्षिणपंथी यहूदी राष्ट्रवादी नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाली एक नई सरकार के पक्ष में मतदान किया। उनके गठबंधन में द’क्षिणपं’थी, सेंटर ग्राउंड और वा’मपं’थी दलों के साथ-साथ यहूदी राज्य की इस्लामी रूढ़ि’वादी पार्टी भी शामिल है।

शतयेह ने यह भी कहा कि उन्हें नई सरकार या फिलिस्तीनियों के साथ शांति समझौते को आगे बढ़ाने की संभावना के बारे में कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा, “हम इस नई सरकार को पिछली सरकार की तुलना में किसी भी स्थिति में कम ख’राब नहीं आंकते हैं। हम इ’जराइ’ली बस्तियों के समर्थन में नए प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की घोषणाओं की निं’दा करते हैं।”

शतयेह ने कहा, “नई सरकार अगर वह फिलिस्तीनी लोगों के भविष्य और उनके वैध अधिकारों को ध्यान में नहीं रखती है तो उनका कोई भविष्य नहीं है।”