रमजान की शुरुआत के साथ इस्रा’इल अल अक्सा में गोलियों और ग्रेनेडों की बारिश करता है। ब’मों और गो’लियों के साए में फिलिस्तीनी भूखे-प्यासे रोजे की हालत में नमाज भी अदा करते आए और मस्जिद अल अक्सा की भी हिफाजत की। आखिरकार उन्हे ईद का मौका मिला और उन्होने शहादतों पर भी अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए ईद मनाई।