चीन में अल्पसंख्यक उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्या’चार पर खामोशी को लेकर पाकिस्तान की आ’लोचना होती रही है। इस मुद्दे पर अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होने चीन हमारा बेहद अच्छा दोस्त हैं जिसने हर मुश्किल घड़ी में हमारी मदद की है। उन्होने कहा, हम सार्वजनिक तौर पर तो नहीं, लेकिन निजी रूप से इन सब विषयों पर बात करते रहते हैं।

दरअसल, उनसे पूछा गया कि वे उइगर मुस्लिम के मुद्दे पर बहुत मुखर क्यों नहीं हैं, जबकि कश्मीर मुद्दे पर हमेशा आवाज उठाते रहते हैं। इस पर इमरान ने कहा कि मुख्य रूप से इसके दो कारण हैं। सबसे पहले भारत में जो हो रहा है वह चीन में उइगरों के साथ होने वाले अत्या’चार के बराबर नहीं है। दूसरा, चीन पाकिस्तान का अच्छा दोस्त है। उसने हमारी सरकार को आर्थिक संकट के सबसे कठिन समय में मदद की है। हम सार्वजनिक तौर पर तो नहीं, लेकिन निजी रूप से इन सब विषयों पर बात करते रहते हैं।

बता दें कि चीन पर उइगुरों को बड़े पैमाने पर न’जर’बंदी शिविरों में भेजने, उनकी धार्मिक गतिविधियों में दखल देने और समुदाय को जबरदस्ती फिर से शिक्षा या स्वदेशीकरण से गुजरने के लिए भेजने का आरोप है। चीन में उइगर मुस्लिमों की स्थिति पर अमेरिका भी नाराजगी जाहिर कर चुका है।

संयुक्त राष्ट्र का भी कहना है कि कम से कम दस लाख जातीय उइगरों और अन्य मुसलमानों को हिरासत में लिया गया है। वहीं बीजिंग का कहना है कि “चर’मपं’थ” को उखाड़ फेंकने के लिए और लोगों को नए कौशल देने के लिए इन सेंटर्स को तैयार किया गया है।