पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान मध्य-पूर्व की दो शक्तियों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए तेहरान पहुंचे। कहा जा रहा है कि तेहरान में इमरान सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने का काम करेंगे।

इस दौरान इमरान ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की। उनका ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खमेनेई से भी मुलाकात का कार्यक्रम है। इमरान के साथ पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और प्रवासी पाकिस्तानी और मानव संसाधन विकास के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक सईद जुल्फिकार अब्बास बुखारी भी हैं।

क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि के बीच इमरान की इस वर्ष तेहरान की दूसरी यात्रा है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के मौके पर बोलते हुए, खान ने घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने दोनों को ईरान के साथ मध्यस्थता करने के लिए कहा था।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने शनिवार को कहा कि देश सऊदी अरब के साथ मध्यस्थता के साथ या उसके बिना भी बातचीत करने के लिए तैयार था।

शुक्रवार को, पाकिस्तान के एफएम कुरैशी ने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र युद्ध नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “सऊदी अरब हमारा रणनीतिक साझेदार है, जबकि ईरान एक दोस्त और पड़ोसी है,”। “हम मांग कर रहे हैं कि दोनों मुस्लिम देशों के बीच गलतफहमी बातचीत के माध्यम से साफ हो जाएगी।”