पिछले कुछ समय से खाड़ी देशों में राष्ट्रीयकरण काफी तेजी से हुआ है. हर क्षेत्रों से प्रवासियों को निकाला जा रहा है. इन खाड़ी देशों में सऊदी अरब प्रथम स्थान पर है जहां से प्रवासियों को लगभग-लगभग हर क्षेत्र से निकाल दिया गया है. सऊदी अरब के बाद कुवैत,अमीरात और ओमान देश भी हैं जहां से भी प्रवासियों को निकाला गया है.

ओमानी नागरिकों की जगह प्रवासी 

अरब नामा को मिली खबरों के अनुसार ओमान मिन्स्ट्री ऑफ़ मैनपॉवर ने ओमान देश में 161 कंपनियों को दंड दिया है, जिन्होंने राष्ट्रीयकरण की योजना को पूरा नहीं किया और अपनी कंपनियों में ओमानी नागरिकों की जगह प्रवासियों को भी नौकरी दी.

मिनिस्ट्री ऑफ़ मैनपॉवर के अनुसार कहा गया है की ” इन कंपनियों ने देश में प्रवासियों की नौकरियों पर प्रतिबंध लगने के बाद भी प्रवासी कर्मचारियों को भर्ती किया.”

मंत्रालय के बयान में कहा गया है की “कम से कम निर्धारित 10 प्रतिशत ओमानीकरण दर के अनुपालन के मामले में, मंत्रालय आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा.”

इन क्षेत्रों पर पहले से ही लगा है प्रतिबन्ध 

बयान में कहा गया है की “ओमानीकरण में ओमानी नागरिकों को रोजगार देने पर सरकार का अधिक ध्यान है. गल्फ देशों में सामान रूप से राष्ट्रीयकरण चल रहा है जहां सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश रोज़गार में स्थानीय लोगों की संख्या में वृद्धि करने की कोशिश कर रहे हैं.”

अरब न्यूज के अनुसार इस साल की शुरुआत में मीडिया, इंजीनियरिंग, विपणन और बिक्री, लेखांकन और वित्त, आईटी, बीमा, तकनीशियनों, प्रशासन और मानव संसाधन सहित 87 उद्योगों में भर्ती के खर्च पर छह महीने के वीज़ा प्रतिबंध प्रवासियों पर लगाए गए थे.

ओमान सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि प्रतिबंध लागू रहेगा और यह कि अधिक व्यवसाय जोड़ने पर विचार कर रहा था, और कहा कि ओमानिस हमेशा देश में नौकरियों के लिए पहली पसंद होनी चाहिए.