दुनियाभर में लगातार मुस्लिमों के खिलाफ नफरत बढ़ती ही जा रही है। अगर हम बात इस्लामोफोबिया की करें तो यह पिछले कुछ सालों में तेज़ी से बढ़ा है। किसी के मज़हब का इस्तेमाल करना एक अमानवीय कार्य है।

इस्लामोफोबिया तेज़ी से बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क में 264 बे रिज एलीमेंट्री स्कूल फॉर द आर्ट्स, एक नौ वर्षीय मुस्लिम बच्चे को उसके खिलाफ अपने धर्म का इस्तेमाल करने के लिए “दं’डित” किया।


इस घ’टना में एक युवा मुस्लिम छात्र शामिल था, जिसे अपने स्कूल के साथियों को लंच करते बैठकर देखने के लिए मजबूर किया गया था, क्योंकि बच्चे ने रमजान के पाक महीने में रोज़ा रखा था। इससे भी बुरा यह है कि स्कूल की नीति रमजान का पालन करने वाले छात्रों को कैफेटेरिया के अलावा एक कमरे में ले जाने की अनुमति देती है।

इस सजा के लिए जिम्मेदार लंच सहयोगी ने दावा किया कि लड़का उसकी हंसी उड़ा रहा था और इसलिए वह कैफेटेरिया में बैठ सकता था और बाकी सभी बच्चे खाना खा रहे थे और उसे बच्चों को देखने के लिए कहा गया।


इस दुर्घ’ट’ना के बारे में सुनकर लड़के की माँ, ज़मान मश्र्हा बच्चे की माँ ने इस कहानी को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जिसके बाद ये वायरल हो गयी।