कुआलालम्पुर: अल्लाह के करीब होना कोरोनावायरस के प्रकोप से बचाव का एक और तरीका है, इसलिए मुस्लिम बहुल मलेशिया की मस्जिदों को “सलातुल हज़ात” (ज़रूरत की नमाज़) और “दुआ-ए-सलामत” रखने का निर्देश दिया गया।

मलेशियाई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जोहोर राज्य की सभी 913 मस्जिदों को देश और लोगों को 2019 नॉवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) के प्रकोप से बचाने के लिए 31 जनवरी को शुक्रवार की प्रार्थना के बाद फिर से मंडली की प्रार्थना करने का आदेश दिया गया है।

जोहोर इस्लामिक धर्म विभाग (JAINJ) के निदेशक, दातुक एमडी रोफिकी शमसुद्दीन ने जानकारी देते हुए कहा कि “जनता को सभी महामारियों और संक्रामक रोगों के खिलाफ अल्लाह मरीजों की सलामती के लिए दुआ की जाएगी ।

मलेशियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जोहोर राज्य की सभी 913 मस्जिदों को देश और लोगों को 2019 नॉवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) के प्रकोप से बचाने के लिए 31 जनवरी यानी आज जुमे की नमाज़ के बाद फिर से खास नमाज़ अदा करने का आदेश दिया गया है।

नए पहचाने गए वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं क्योंकि ये भयानक बीमारी जल्दी से फैल रही है।

मलेशिया ने अब तक कोरोनावायरस के चार पुष्ट मामलों की सूचना दी है। सभी चीनी नागरिक वुहान से छुट्टी पर हैं, जो सिंगापुर से देश में पहुंचे थे।