इ’ सरा’ इल का एल एआई विमान से इस’ रा’इल और अमरीका के अधिकारी तीन घंटे की यात्रा करके यूएई पहुँचेंगे. इस विमान को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से जाने की अनुमति होगी. आम तौर पर इस हवाई क्षेत्र से इ”सराइ’ ली विमान नहीं उड़ते हैं. फ़्लाइट नंबर एलवाई971 में अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और उनके वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर के साथ इस’राइ’ ल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीर बेन शब्बात भी हैं.

फ़्लाइट का नंबर यूएई के डायलिंग कोड पर है. जबकि रिटर्न फ़्लाइट का नंबर है एलवाई972, जो इ’सरा’-इल का इंटरनेशनल डायलिंग कोड है. वर्ष 1948 में इस’राइ’ ल के गठन के बाद यूएई तीसरा अरब देश है, जिसने इ’सरा’इल को मान्यता दी है. शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात ने इस’राइ’ ल का ब’हिष्का’र करने वाले क़ानून को ख़त्म कर दिया, जो 1972 से लालू था.

इस’राइ’ ल और यूएई में समझौते की जहाँ कई देश सराहना कर रहे हैं और उन्होंने इसका स्वागत किया है. फ़लस्तीनी नेतृत्व इसे धोखा कह रहा है. फ़लस्तीनी नेताओं का कहना है कि अगल फ़लस्तीनी राष्ट्र के गठन के बिना यूएई का इस’ रा:’ इल को मान्यता देना धोखा है.

यूएई के साथ समझौते के बदले इस’ रा’ इल ने पश्चिमी तट के कुछ इलाक़ों के विलय की विवादित योजना को टालने पर सहमति जताई. फ़लस्तीनी पश्चिमी तट पर अपना दावा करते हैं और एक अलग राष्ट्र के गठन की दिशा में वे इसे अहम मानते हैं.

यूएई से पहले मिस्र और जॉर्डन ने इस’ रा’ इल को आधिकारिक रूप से मान्यता दी थी. इस’ राइ’ ल और मिस्र के बीच 1978 में संधि हुई थी, जबकि जॉर्डन के साथ इस’राइ’ ल का शांति समझौता 1994 में हुआ था.

पश्चिमोत्तर अफ़्रीकी देश मौरिटानिया ने 1999 में इसराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किया था, लेकिन 2010 में उसने ये संबंध तोड़ लिया. मौरिटानिया अरब लीग का सदस्य देश है.