तेल मंत्री बीजान ज़नगिनी ने कल कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप तेल निर्यात में गिरावट को रोकने के लिए ईरान कई योजनाएं लागू कर रहा है. जिसके चले ईरान से तेल का एक्सपोर्ट कभी खत्म नहीं होगा.

मिडिल ईस्ट मोइंटर के मुताबिक, ईरानी-यूरोपीय सहयोग का वर्णन करना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से तेल, बीमा और नेविगेशन की बिक्री और ईरान के तेल निर्यात से पैसे प्राप्त करने के संबंध में, उन्होंने कहा कि “ईरान यूरोप में अपने एक तिहाई से भी कम तेल निर्यात करता है.”

अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यूरोप के साथ सहयोग ईरान के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान इसके बाद अन्य देशों का नेतृत्व करेगा.

तेल मंत्री ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ने फ्रांसीसी कंपनी को स्वीकृति छूट पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए कुल दो महीने दिए हैं, वरना इसे चीन नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीएनपीसी) द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा. हालांकि, मंत्री ने इस संभावना से इंकार कर दिया कि वाशिंगटन फ्रांसीसी कंपनी को छूट देगा.

इस महीने की शुरुआत में, अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से वापस ले लिया और कहा कि यह तेहरान पर 90 से 180 दिनों के भीतर प्रतिबंध लगाएगा. जिसके बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी थी. अब अमेरिका के खिलाफ तुर्की, यूरोप, ईरान, भारत ने परमाणु समझौते पर ईरान का समर्थन किया है.