नागरिकता कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर उत्तर प्रदेश की पुलिस की दमनकारी का’र्रवाई पहले ही सवालों के घेरे में है। अब पुलिस की और से किए गए मुकदमे भी फर्जी साबित हो रहे है। पुलिस ने पहले ही कुछ ऐसे लोगों को पाबंद करने का नोटिस दिया है जो सालों पहले म’र चुके हैं या 90-95 साल के हैं और बिस्तर से उठ तक नहीं सकते हैं।

अब एक ऐसा मामला सामने आया है। जो पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने के लिए काफी है कि पुलिस किस तरह से झूठे मामले दर्ज कर रही है। ताजा मामला मामला बहराइच का है। यहाँ के रहने वाले सुलेमान उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए हुए थे और 20 दिसंबर को सऊदी अरब के मक्का शहर में उमरा कर रहे थे।

लेकिन पुलिस के मुताबिक ठीक उसी वक्त वह बहराइच में उपद्रवी भीड़ का हिस्सा थे। उन पर दर्ज एफआईआर में आ’रोप है कि वह जुमे की नमाज के बहाने मस्जिद में जमा हुए।धारा 144 तोड़ कर जुलूस निकाला। मोदी-योगी मु’र्दाबाद के नारे लगाएय पुलिस की ह*त्या की कोशिश की। लिहाजा उन पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।