भारत सहित कई पश्चिमी देशों में इस्लामोफोबिया के बढ़ते मामले सामने आ रहे है। हाल ही में एक मामला भारत से आया है जहां उत्तर भारतीय शहर वाराणसी के छात्रों ने मुस्लिम टीचर के खिलाफ यूनिवर्सिटी में वि’रोध हो रहा है।

नवंबर की शुरुआत में, भारतीय शहर के प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों ने हिंदू धर्म की प्राचीन शास्त्रीय भाषा संस्कृत को पढ़ाने के लिए एक मुस्लिम प्रोफेसर को काम पर रखने के वि’रोध में कुलपति के कार्यालय के बाहर धर’ना दिया।


फिरोज खान ने कार्यभार संभालने के दो दिन बाद, एक हिं’दूवादी राष्ट्रवादी विचारधारा वाले दक्षि’ण’पंथी छात्र संगठन, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने पद से बर्खा’स्त करने की मांग की।


संग ने कहा कि, “एक मुस’लमान हमें अपना धर्म नहीं सिखा सकता,” एक तख्ती पढ़ी। खान के लिए, उन्हें जो भेदभाव का सामना करना पड़ा, वह निरा’शाजनक था।