नई दिल्ली: बिहार के जिला नालंदा से एक ऐसी सुखद खबर आई जो पूरे देश के किये मिसाल बन रही है,इस दौर में जब हिन्दू मुस्लिम के बीच खाई पैदा हो रही है ऐसे में नालंदा के एक गांव में मस्जिद की देखभाल हिन्दू परिवार कर रहा है।

इस गाँव में एक भी मुस्लिम परिवार नही है लेकिन गाँव में मस्जिद है जिसमें हिन्दू अजान की परंपरा अदा करते आरहे हैं,नालंदा जिले में बेन प्रखंड का मांडी गांव में मुस्लिम समुदाय के एक भी लोग नहीं रहते, लेकिन यहां हर दिन अजान होती है. सालों से जारी इस परंपरा को यहां के हिंदू समुदाय के लोग निभाते आ रहे हैं।

गौरतलब है कि वर्षों पहले इस गांव में मुस्लिम समुदाय के लोग भी रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे इस समाज के लोग रोजी-रोटी के जुगाड़ में यहां पलायन कर गए. आज स्थिति यह हो गयी कि दो सौ साल पूर्व बनी एक मस्जिद को देखभाल करने वाला भी अब कोई नहीं बचा था. लेकिन, यहां के हिंदू समाज के लोगों ने मस्जिद में अजान की परंपरा को कायम रखने की जिम्मा उठाया।

सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश करने का जरिया आज की आधुनिक तकनीक भी बनी है, जिस कारण बिना किसी परेशानी के यह रिवाज बदस्तूर है. हिंदू समाज के लोग मस्जिद में पेन ड्राइव और टेप रिकॉर्डर से नमाज की आवाज को प्ले कर न केवल अनूठी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं बल्कि वैसे लोगों को आईना भी दिखा रहे हैं जो मुस्लिम और हिंदू के नाम पर समाज में विभेद पैदा करते हैं।