जर्मन की चांसलर एंजेला मर्केल दो दिन के दौरे पर भारत आई हुई हैं। शनिवार को उन्होंने दिल्ली में कहा कि हमने हरित शहरी गतिशीलता के लिए भारत-जर्मन साझेदारी शुरू की है।

इस मौके पर उन्होने जर्मन मीडिया से कहा कि कश्मीर में जिस तरह के (अशांत) हालात हैं, उन्हें लंबे समय तक स्थायी रहने वाला करार नहीं दिया जा सकता। हालांकि कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के बीच हुई इंटर-गवर्मेंटल कंसल्टेशन (आईजीसी) बैठक में चर्चा नहीं हुई। मर्केल को उम्मीद थी कि मोदी कश्मीर मुद्दे पर कोई बात जरूर करेंगे।

हवाले से जर्मन मीडिया ने कहा, ‘‘आज जो कश्मीर की स्थिति है, उसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। मुझे उम्मीद है कि इसमें बदलाव होगा।’’ जर्मन चांसलर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब अमेरिका समेत कुछ विदेशी सांसदों ने अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के लिए अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद सरकार द्वारा लगायी पाबंदियों पर चिंता जतायी है।

मर्केल के इस बयान को भारत के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि सरकार ने आर्टिकल 370 को हटाने का उद्देश्य जम्मू- कश्मीर के लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाना बताया था। सरकार ने ये भी दावा किया था कि आर्टिकल 370 को हटाने के दौरान जम्मू-कश्मीर में एक भी नागरिक की जान नहीं गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मर्केल को हालांकि कश्मीर को लेकर भारत सरकार के रुख के बारे में बता है लेकिन वह उसके भविष्य को लेकर तैयार रोडमैप के बारे में पीएम नरेंद्र मोदी से जानना चाहती हैं।