तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया कि तुर्की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बुलाएगा और यरूशलम की कानूनी और ऐतिहासिक स्थिति की रक्षा करेगी। हम आखिरी दम  तक फिलिस्तीन का साथ देते रहेंगे।

एर्दोगान ने कहा कि तुर्की अंकारा द्वारा हिरासत में एक ईसाई पादरी के भाग्य पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए पत्रिबन्धों पर चुप नहीं बैठेगा, हम अमेरिका को मुद तोड़ जवाब देंगे।

एर्दोगान ने आगे कहा की, “हम शेष में से कोई भी वाणिज्यिक समझौतों को मनमाने ढंग से रद्द करने और हथियारों के रूप में आर्थिक प्रतिबंधों को सहन नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा, “हम बराबर शर्तों पर एक रचनात्मक वार्ता आयोजित करके हमारी समस्याओं को हल करने के पक्ष में हैं।”

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, एर्दोगान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर सीरियाई शरणार्थियों की ज़िम्मेदारी साझा करने की उम्मीद है। देश के आंतरिक मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, तुर्की 3.56 मिलियन सीरियाई शरणार्थियों का आयोजन करता है।

 आपको बता दें की एर्दोगान ने फिलिस्तीनियों पर होने वाली ज़ियात्तियों पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की. एर्दोगान ने दुनिया से आग्रह किया की दुनिया के साथ देश फिलिस्तीन के समर्थन में अपने आवाज़ बुलंद करें।