दुनियाभर के देशों ने शुक्रवार की रात अमृतसर रेल दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों, भारतीय जनता और भारत सरकार से सहृदयता व्यक्त की है।

अमृतसर में दशहरा मेले के दौरान रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर ट्रेन चढ़ गई। इसमें कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई  जबकि 51 लोग घायल हो गए। मृतकों की संख्या में वृद्धि की आशंका है।

घटना जोड़ा फाटक के निकट हुई। मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे। अफसरों ने बताया कि रावण के पुतले में पटाखे फूटने के बाद भीड़ पीछे की तरफ हटी। इसी बीच जालंधर-अमृतसर लोकल ट्रेन आ गई और लोगों को रौंदती हुई गुज़र गई। इससे ठीक पहले दूसरे ट्रैक से अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस गुजरी थी।

उप ज़िलाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि 58 शवों को बरामद किया गया है। मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। शवों के कई टुकड़े हो जाने से मृतकों की सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है। घटना के बाद से ही मौके पर चीख़ पुकार मच गई,  बदहवास लोग अपने करीबियों को तलाश करने लगे। क्षत-विक्षत शव घटना के घंटों बाद भी घटनास्थल पर ही पड़े थे क्योंकि नाराज लोग प्रशासन को शव हटाने नहीं दे रहे थे।