सूत्रों के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र (एक्सयूएआर) में काशगर (चीनी, काशी) के एक युवा उइगर शख्स की मौ’त हो गई है। वजह आपको हैरान कर देगी और वो वजह सिर्फ इतनी है कि ये शख्स नमाज़ पढ़ता था और इस बात का पता चीन सरकार को लग गया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में RFA की उइगर सेवा को एक पत्र भेजा है जिसमें दावा किया गया है कि 22 साल के अलीमजन एमेट को काशगर के येंगीशेर (Shule) काउंटी में एक शिविर में पूछताछ के दौरान पीट-पीट कर मार डाला गया क्योंकि उसने गुप्त रूप से नमाज़ करने से इनकार कर दिया था ।

सूत्र के अनुसार, एमेट शिक्षाविदों का बेटा था, लेकिन हाई स्कूल पूरा करने के बाद, एक विश्वविद्यालय के लिए स्वीकृति हासिल करने में विफल रहा और उदास हो गया। वह अपने इस्लामी विश्वास को अपनाने, कलाम-ए-पाक और आध्यात्मिक शिक्षाओं को सुनने के बाद अपने अवसाद को उठाने में सक्षम था।

पत्र में कहा गया है, “मुझे नहीं पता कि उसे हिरासत में लिया गया था, केवल इसलिए कि शिविर में भेजे जाने के 40 दिनों के भीतर उसकी मौ’त हो गई।” जहाँ उन्हें इरमुदन ऋण कार्यालय से निकाल दिया गया था।