शोधकर्ताओं ने कहा कि कोरोनावायरस डीएनए-आनुवंशिक इंजीनियरिंग के साथ एक आक्रामक जैविक यु’द्ध ह’थिया’र है। निजी चीनी कंपनियों पर लंबे वक़्त से अपने रक्षा प्रतिष्ठान के साथ घनिष्ठ संबंधों का आ’रोप लगाया गया है, जो नागरिक उद्देश्य के लिए बनाई गई प्रौद्योगिकी के दोहरे इस्तेमाल का संकेत देता है। हाल के प्रकोप जैव-अभियांत्रिकी और चिकित्सा क्षेत्र में भी चीनी नागरिक-सैन्य युग्मन पर उंगलियाँ उठा रहे है।

कई सालों से चीन के उईगर मुसलमानों को गलत तरीके से कैद और प्रता’ड़ित किया जा रहा है क्योंकि वे चीनी मुसलमानों के लिए हैं।

वे अपने सामने चीनियों को म’रते हुए देखकर खुश नहीं हैं लेकिन चीन में 30 मिलियन मुसलमानों ने कोरोनोवायरस को प्रभावित नहीं किया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि मुसलमान नकाब पहने बिना नमाज़ अदा कर रहे हैं क्योंकि अल्लाह उनके साथ है। वह अल्लाह से मदद मांग रहे है।