नए नागरिकता कानून (नागरिकता संशोधन अधिनियम) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की ब’र्बर’ता के खि’ला’फ अपना वि”रोध जताने के लिए रविवार को दोपहर 150-200 लोग विक्टोरियन संसद के चरणों में एकत्र हुए।

जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्र’वाई की निं’दा करने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए।

जामिया के पूर्व छात्र नाज़िश फातिमा ने कहा, “यह पूरी तरह से लोकतंत्र और मानव अधिकारों की भावना के खिलाफ है और हम इस सब से गहराई से पीड़ित हैं और केवल सरकार द्वारा इस कार्रवाई को बर्बर करार दिया जा सकता है।”

जामिया के पूर्व छात्र डॉ। विक्रांत किशोर ने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश होने के नाते अपने नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरो’ध करने का अधिकार प्रदान करता है, फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ यह क्रू’र ह’म’ला क्यों?”

एक अन्य प्रदर्शनकारी तन्वी मोर ने कहा, “हम छात्रों और भारत के सभी नागरिकों के साथ एकजुटता में खड़े हैं जो भे’दभा’वपूर्ण एनआरसी और सीएए के खि’लाफ वि’रो’ध कर रहे हैं।”