ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आ’ग को लेकर पूरी दुनिया में आवाज उठ रही है। सोशल मीडिया पर #PrayForAustralia ट्रेंड कर रहा है। इस घ’टना के बाद ऑस्ट्रेलिया के मुस्लिमों और ईसाइयों ने एक साथ मिलकर नमाज़ अदा की गई और अल्लाह की तरफ से लोगो कि दुआएं क़ुबूल भी हुई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के लोग ऑस्ट्रेलिया में लगी इस आग के रुकने लिए दुआएं मांग रहे हैं। लोगों की दुआओं का असर देखने को भी मिला और सोमवार को हुई बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत दिलाई। इसी के साथ इंसान ही नही जानवर भी खुश हो गए।

इस बीच आस्ट्रेलिया में मुसलमानों की नमाज़ इस्तसक़अ पढ़ते ही तेज़ बारिश शुरू होगई जिसके बाद से ईसाई हैरान हैं पिछले काफी दिनों से जँगलों में लगी आग से एक दम बड़ी राहत मिल गई, जिसमें 50 करोड़ के लगभग जानवर जल गए हैं।


आग ने करोड़ों जानवरों को अपनी चपेट में लिया है।सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा की एयर क्वालिटी दुनिया के सभी बड़े शहरों में सबसे खराब दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है। उसने लोगों को खराब एयर क्वालिटी के चलते घर में रहने को कहा है।

ऑस्ट्रेलिया के जंगल में भी’षण आ’ग की खबर तेज़ी से पूरी दुनिया मे फैल रही है जिसके बाद दुनियाभर में ऑस्ट्रेलिया के लिए दुआएं की जा रही है। जिसके चलते 5o से अधिक मुस्लिम पुरुष, महिलाएं और बच्चे दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर के बोनीथॉन पार्क में इकट्ठा हुए और बारिश की नमाज़ अदा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के बुशफायर पी’ड़ितों और सूखा पी’ड़ित किसानों को भेजा।

प्रीस्ट पैट्रिक मैकइनेरी सेंटर फॉर क्रिश्चियन एंड मुस्लिम रिलेशंस की ओर से नमाज़ में शामिल हुए। उन्होंने कहा, “मेरे दोस्त, प्रोफेसर मोहम्मद अब्दुल्ला ने खुतबा (उपदेश) दिया जो अल्लाह पर दया करने वाला और दयालु प्रदाता होने पर निर्भरता पर जोर देता है।”

लगभग 500 फायरफाइटर ने ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में आग की ल’ड़ाई जारी रखी। दिसंबर 2019 के अंत से आ’ग जल रही है और हाल ही में गर्म और घु’मावदार मौसम की स्थिति से बढ़ी है।