दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में गुरुवार को अमेरिकी अरबपति समाजसेवी जॉर्ज सोरोस ने भारत को लेकर कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।

उन्होने कश्मीर में धारा-370 हटाने और नागरिकता कानून को लेकर भी मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होने कहा, मोदी अर्धस्वायत्तशासी मुस्लिम क्षेत्र कश्मीर में दंडनीय (अनुच्छेद 370 को हटाना) कदम उठा रहे हैं। साथ ही सरकार के फैसलों (नागरिकता संशोधन कानून) से वहां रहने वाले लाखों मुसलमानों पर नागरिकता जाने संकट पैदा हो गया है

सोरोस ने कहा, “भारत में सबसे बड़ा और भयावह झटका लगा, जहां लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित नरेंद्र मोदी एक हिंदू राष्ट्रवादी राज्य बना रहे हैं, कश्मीर पर दंडात्मक उपाय कर रहे हैं, जो एक अर्ध-स्वायत्त मुस्लिम क्षेत्र है, और लाखों मुसलमानों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।

सोरोस ने कहा कि हम इतिहास में एक “परिवर्तनकारी क्षण” में जी रहे हैं, जहां खुले समाजों की दोहरी चुनौतियां और जलवायु परिवर्तन “हमारी सभ्यता के अस्तित्व को खतरा है”। उन्होंने कहा कि राजनेताओं द्वारा इन चुनौतियों का जवाब दिया गया है जो अपने स्वयं के उद्देश्यों के लिए “शोषण” करते हैं, “लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप होने की संभावना नहीं है” और इसलिए, पहले से ही “व्यापक निराशा” का कारण है।

सोरोस ने यह भी कहा, ‘‘सिविल सोसाइटी में लगातार गिरावट आ रही है। मानवता कम होती जा रही है। ऐसा लगता है कि आने वाले सालों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भाग्य से ही दुनिया की दिशा तय होगी। इस समय व्लादिमीर पुतिन, ट्रम्प और जिनपिंग तानाशाह जैसे शासक हैं। सत्ता पर पकड़ रखने वाले शासकों में इजाफा हो रहा है।’’