ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा, हमेशा की तरह इस बार भी ईरानी राष्ट्र एकता और एकजुटता का प्रदर्शन करके इन साज़िशों को नाकाम बना देगा।

इसमें कोई शक नहीं है कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद, अमरीका में कोई भी प्रशासन रहा हो, उसने विभिन्न मार्गों से इस्लामी व्यवस्था को नुक़सान पहुंचाने का प्रयास किया है। हालांकि यह और बात है कि अब अमरीका को उसके निकट घटकों का साथ ही नहीं मिल रहा है।

ब्लूमबर्ग टीवी चैनल ने अपनी एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अपने यूरोपीय घटकों के बिना ईरान के सामने गंभीर चुनौती खड़ी नहीं कर पायेंगे।

राजनीतिक विशेषज्ञ डान गिलैज़बर्ग का कहना है कि ईरान को नष्ट करने के लिए अमरीकी अधिकारियों का पागलपन स्पष्ट है। स्वाधीन देश के रूप में ईरान का वजूद ही क्षेत्र में साम्राज्यवाद के लिए ख़तरा है, इससे अमरीका की सैन्य शक्ति भी कमज़ोर होगी और डॉलर भी।

ईरान ने पिछले 40 वर्षों के दौरान, अमरीकी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया है। वर्तमान समय में जब प्रतिबंधों की नीति कमज़ोर पड़ रही है, ईरान विश्व भर के अन्य देशों से अच्छे संबंध स्थापित करके इन प्रतिबंधों को भी विफल बना देगा।