कोरोना काल में जहाँ दुनिया लम्बी तालाबं’दी से गुजरी है, वहीँ अधिकांश काम ऑनलाइन होने शुरू हो गए हैं. ऐसे में साइबर अप’राधों का ख’तरा भी बेहद बढ़ गया है. दुनिया भर में लम्बे लॉक’डाउन के दौरान बड़े पैमाने पर नौकरियों के साथ-साथ पढाई भी ऑनलाइन होनी शुरू हो गयी है. ऐसे में नौकरीपेशा लोग ही नहीं, स्टूडेंट्स पर भी साइबर अ’टैक का खत’रा बेहद बढ़ गया है.

इसे लेकर ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे लोग और इ-लर्निंग के जरिये पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए सऊदी विशेषज्ञों ने ख़ास तौर पर चेता’वनी जारी की है. लगातार बढ़ रहे साइबर क्रा’इम के चलते विशेषज्ञों को ड’र है कि विश्वविद्यालय के छात्र है’करों के शि’कार हो सकते हैं. उन्होंने कहा इसका सबसे ज्यादा ख’तरा उन छात्रों पर मंड’रा रहा है जो सु’रक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हैं.

साइबर ह’मलों के ख’तरे को मद्देनज़र रखते हुए सऊदी अरब में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सऊदी कंप्यूटर इम’रजेंसी रिस्पांस टीम ने सुरक्षित कंप्यूटर उपयोग के माध्यम से दिशानिर्देश जारी किये हैं. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान लोगों से खास तौर पर ध्यान रखने की अपील भी की है. इस दौरान राष्ट्रीय साइबर सुर’क्षा प्राधिकरण की टीम के एक सहायक ने कहा कि कम्यूटर या लैपटॉप के जरिए पढ़ाई करने वाले छात्रों को ही इन दिनों है’कर्स अपना निशा’ना बना रहे हैं.

सीईआरटी ने सिफारिश की कि छात्रों को केवल पासवर्ड-संरक्षित नेटवर्क से कनेक्ट होना चाहिए. इसके अलावा कोई भी ऐप आधिकारिक स्टोर से ही इंस्टॉल करें.  नवीनतम ऑपरेटिंग सिस्टम और एं’टी-वायरस सॉफ़्टवेयर के साथ नियमित रूप से उपकरणों को अपडेट ज़रूर करें. विद्यार्थी पढ़ने के लिए उपयोग की जा रही हर एक वेबसाइट को साव’धानीपूर्वक जां’चें. साइबर क्रा’इम से बचने के लिए इन सभी नियमों का पालन करना आवश्यक बताया गया है.