यमन के पेट्रोलिमय व खनिज मंत्रालय ने देश के तेल के स्रोतों की सऊदी अरब द्वारा लूटमार की कोशिश की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का खुला उल्लंघन बताया है।

शनिवार को यमन के पेट्रोलियम व खनिज मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आया है कि सऊदी अरब यमन के तेल को पाइप लाइन के ज़रिए जो रूब अलख़लील मरुस्थल से देश के दक्षिणी प्रांतों हज़रमूत और अलमहरा प्रांतों तक बिछेगी, अरब सागर ले जाने का इरादा रखता है।

इस बयान में इसी तरह आया है कि रियाज़ यमन के तेल की दौलत को इस देश के पूर्व राष्ट्रपति मंसूर हादी की सरकार की मिलीभगत से लूटना चाहता है।

यमन के पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश के तेल के स्रोतों की सऊदी अरब द्वारा लूटमार की कोशिश के ख़िलाफ़ अलमहरा सहित दूसरे प्रांतों में भड़के प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ और संयुक्त राष्ट्र महासभा से अपील की कि वह सऊदी अरब के हमले, अतिग्रहण और लूटमार को रुकवाए।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस पाइप लाइन परियोजना के ज़रिए सऊदी अरब हुर्मुज़ जलडमरू मध्य और बाबुल मंदब जलडमरू मध्य से तेल ले जाने पर मजबूर नहीं होगा कि रणनैतिक दृष्टि से इन दोनों ही अहम बिन्दुओं से सऊदी अरब के जहाज़ से तेल भेजने की प्रक्रिया प्रभावित हुयी है।

यमन पर 26 मार्च 2015 से सऊदी गठबंधन के हमले जारी हैं। इन हमलों में अब तक कम से कम 14000 यमनी हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख विस्थापित हुए हैं।