सऊदी अरब सरकार वर्तमान में अवैतनिक लोन पर हिरासत में लिये गये सऊदी अरबपति के स्वामित्व वाली रियल एस्टेट की नीलामी करेगी.  अगले महीने नीलामी में पूर्वी प्रांत के खोबार और दम्मम में अविकसित और वाणिज्यिक भूमि भूखंड, एक खेत और आवासीय भवन शामिल होंगे.

रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक, कर्ज़ में डूबे अरबपति माने अल-सनेया और उनकी कंपनी के स्वामित्व वाली संपत्ति अक्टूबर से बेची जाएगी, लेनदारों के कारण अरबों रियाल चुकाने में मदद मिलेगी. माना जाता है कि 2009 में सऊदी अरबपति माने अल-सनेया की कंपनी साद ग्रुप ने 40 अरब डॉलर (10.6 अरब डॉलर) और 60 अरब रियाल (16 अरब डॉलर) के बीच अनुमानित लोन का अनुमान लगाया था.


Maan al-Sanea’s company Saad Group

वर्ल्ड न्यूज़ हिंदी को मिली जानकरी के मुताबिक, 2007 में सऊदी अरबपति माने अल-सनेया फोर्ब्स द्वारा दुनिया के शीर्ष 100 सबसे अमीर लोगों में रैंक किया गया, जिन्हें पिछले साल बकाया राशि पर गिरफ्तार किया गया था.

रियाद के रिट्ज कार्लटन होटल में पिछले साल भ्रष्टाचार के आरोपों पर आयोजित सऊदी व्यापारियों और प्रभावशाली आंकड़ों के दर्जनों उच्च प्रोफ़ाइल से उनका मामला अलग है. 2009 से क्रेडिटर्स ने सऊदी अरब के पुनर्भुगतान के लिए साद समूह का पीछा किया है, जो सऊदी अरब के सबसे लंबे समय तक चलने वाले लोन विवाद में है.