मक्का – सऊदी चैंबर की परिषद ने कहा कि, सोशल मीडिया की रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं है कि प्रवासी कर्मचारियों  को नौकरियों से निकालने के बाद सऊदी के थोक बाज़ार को नुक्सान हुआ है. आपको बता दें की सऊदी सरकार ने हाल ही 12 नौकरियों में से चार नौकरियों से प्रवासियों को नौकरी से निकाला है उनकी जगह सऊदीयों को नौकरी दी गयी है.

सऊदी गेजेट के मुताबिक, परिषद में श्रम बाजार पर समिति के अध्यक्ष मंसूर अल-शितरी ने कहा कि ये सभी दुकानें सऊदी पुरुषों और महिला श्रमिकों के साथ नियमित रूप से चलाई जा रही है.

मक्का समाचार पत्र ने अल-शितरी का हवाला देते हुए कहा, “इन दुकानों में व्यापार गतिविधियां नौकरियों को सौंपने के फैसले से प्रभावित नहीं थीं. ना ही प्रवासियों के यहाँ ना रहने से यह दुकाने प्रभावित हुयी है.

शितरी ने कहा कि सोशल मीडिया में प्रसारित तस्वीरों को दिखाया जाता है कि दुकानें बंद पड़ी है जबकि यह दुकानें नमाज़ के वक़्त बंद की गयी है. उन्होंने कहा की, “फोटो सामान्य कामकाजी घंटों के दौरान नहीं लिया गया था.”

शितरी ने खुदरा और थोक दुकानों में 12 नौकरियों के सऊदीकरण करने के फैसले के बाद, वाणिज्य के कक्षों और अन्य सभी संबंधित निकायों ने सऊदी कार्यकर्ताओं को इन नौकरियों पर कब्जा करने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया.

आपको बता दें कि, अब तक जिन चार क्षेत्रों में सऊदीकरण किया गया है उनमें कार और मोटरबाइक शोरूम, पुरुषों और बच्चों के लिए तैयार वस्त्रों की बिक्री, घरों और कार्यालय फर्नीचर के लिए दुकानें और घरेलू उपकरणों के लिए दुकानें शामिल हैं.