सऊदी अरब के सीनियर पत्रकार जमाल ख़ाशेक़जी तुर्की के इस्तांबूल शहर में स्थित अपने देश के काउंन्सलेट की इमारत में गए और उसके बाद से वह लापता हैं।

ख़ाशेक़जी के बारे में अलग अलग रिपोर्टें आ रही हैं। तुर्क अधिकारियों का कहना है कि ख़ाशेक़जी अब भी इस्तांबूल में सऊदी वाणिज्य दूतावास की इमारत के भीतर हैं मगर कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि काउंसलेट के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की तसवीरों से यह पता चलता है कि ख़ाशेक़जी को काउंसलेट की इमारत से किसी और स्थान पर पहुंचा दिया गया है और इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि ख़ाशेक़जी का अपहरण कर लिया गया हो और विमान से उन्हें रियाज़ पहुंचा दिया गया हो।

 

यदि ख़ाशेक़जी को काउंसलेट की इमारत में रखा गया हो जो वियेना कन्वेन्शन के अनुसार सऊदी अरब की संपत्ति है तो यह उनको दंडित किए जाने की क़वायद होगी और उनकी हालत विकीलीक्स वेबसाइट के मालिक जूलियन असांज जैसी होगी जिन्होंने लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले ली थी और 2012 से वह वहीं मौजूद हैं।

फ़र्क़ यह है कि ख़ाशेक़जी की हैसियत क़ैदी की होगी और यह क़ैद लंबी चलेगी या शीघ्र समाप्त हो जाएगी यह तुर्की और सऊदी अरब की सरकारों के बीच बातचीत के नतीजे पर निर्भर होगा। यदि तुर्क सुरक्षा बल सऊदी अरब की काउंसलेट पर धावा बोल देते हैं तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी या हो सकता है कि प्रदर्शनकारियों को यह मिशन सौंप दिया जाए।