सऊदी सरकार ने हाल ही में घोषणा की है की सऊदी में “उमराह” करने के लिए उमराह वीजा जारी होना शुरू हो गया है. पिछले हफ्ते सऊदी में 1,000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने पहुंचे, जबकि पिछले चार दिनों में 25,000 से अधिक उमराह वीजा जारी किए गए है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उमराह सीजन लागू करने के साथ सऊदी सरकार ने 2 हजार रियाल यानी 40 हजार रुपये टैक्स लागू कर दिया है. जिसके लिए मुस्लिमों ने खासा नाराजगी ज़ाहिर की है. क्योंकि यह टैक्स बहुत ज्यादा है. सऊदी सरकार ने टैक्स इसलिए बढ़ाया है क्योंकि अब दुनिया भर से आने उमराह ज़ायेरीन अपने 30 दिनों के उमराह वीज़ा के साथ देश के किसी भी शहर में जा सकते हैं.

सिन्हुआ समाचार एजेंसी उमरा अफेयर्स के लिए हज मंत्रालय के सचिव अब्दुलअज़ीज़ वज़ान ने कहा कि, 30 दिनों के वीज़ा में सऊदी में उमराह के लिए रहने के दौरान मस्जिद अल हरम और मस्जिद अल नबवी में सभी ज़ायेरीनों को 15 दिन गुज़ारना ज़रूरी है.

वहीँ आपको बता दें कि, यूनिवर्सिटी उर्दू विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर साहेब अली ने इसे एक तरह की धार्मिक पाबंदी बताया है. उमरा या हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वालों पर इस तरह से रोक टोक लगाना बेहद गलत है. जब बाहरी देशों से लोग सऊदी हज-उमरा के लिए जाते हैं, उनके खाने-पीने और रहने से ही सऊदी सरकार कितना फायदा कमा लेती है, इस के बावजूद अतिरिक्त टैक्स लगाना तो बिल्कुल गलत है.