फ्राइडे टाइम्स साप्ताहिक पत्रिका ने इस दावे का खंडन किया है, और 4 अक्टूबर को प्रकाशित एक लेख में कहा गया है: “सऊदी क्राउन प्रिंस, मोहम्मद बिन सलमान, न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी प्रधान मंत्री की कूटनीति के कुछ आयामों से बहुत अलग थे।” इमरान खान, (तुर्की के राष्ट्रपति) रजब तय्यब एर्दोगन और (मलेशियाई प्रधान मंत्री) महाथिर मोहम्मद की संभावना पर खुश नहीं हो सकते थे, संयुक्त रूप से इस्लामिक ब्लॉक का प्रतिनिधित्व करने की योजना बना रहे है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही सऊदी क्राउन प्रिंस को यह बात पता चली वह पाक पीएम इमरान खान से नाराज़ हो गए और


इन दिनों दुनिया में रहने वाले मुस्लिमों पर काफी ज़ुल्म किया जा रहा है। अमेरिका, भारत, फिलीस्तीन, न्यूजीलैंड, ब्रिटैन जैसे देशों में मुस्लिमों के खिलाफ भेदभाव किया जा रहा है जिसने अब बढ़ते हुए इस्लामोफोबिया का रूप ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और मलेशिया के पीएम मोहम्मद ने दुनियाभर के मुस्लिमों की आवाज़ उठाने के लिए इस्लामिक न्यूज़ चैनल शुरू करने के लिए एक अहम बैठक की।

इन तीनों नेताओं ने बीबीसी जैसा एक न्यूज चैनल तैयार करने की पहल की है। दुनियाभर के मुस्लिम इन देशों की मदद कर रहे है।