ईरान और सऊदी अरब के बीच जारी तनाव और बढ़ सकता है। दरअसल, शुक्रवार को सऊदी अरब के जेद्दा के तट पर ईरान के एक ऑयल टैंकर को मिसा’इल से निशाना बनाया गया।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरान की ISNA से इसको रिपोर्ट किया और कहा है कि ये एक आ’तंकी ह’मला है। जिस ईरान के तेल टैंकर को निशाना बनाया गया है, वह ईरान की ऑयल कंपनी का है। ईरानी एजेंसी के मुताबिक, ये धमा’का जेद्दाह के पास हुआ है। ध’मा’के के बाद काफी नुकसान हुआ है।

सऊदी अरब की ओर से इस हमले के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। ईरानी टेलीविजन के मुताबिक रॉकेट हमले में हुए वि’स्फोट में इसके एक तेल टैंकर के दो स्टोर रूम ध्वस्त हो गए हैं। इससे टैंकर से तेल रिस कर लाल सागर में फैल रहा है।

खाड़ी क्षेत्र के समुद्री इलाके में सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव लगातार जारी है। सितंबर में सऊदी की दो बड़ी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन और मिसा’इल ह’मले हुए थे। अमेरिका ने इन घटनाओं के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन ईरान ने इससे इनकार किया था।

इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड के दाम 58 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 60 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गए है। इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर भारतीय जैसे कच्चा तेल इंपोर्ट करने वाले देशों पर भी होगा। अगले कुछ दिनों में पेट्रोल की कीमतें 2 रुपये तक बढ़ सकती है।