मस्जिद अल हरम के साथ-साथ मस्जिद ए नबवी में सेल्फी प्रतिबंध, सऊदी अरब में स्थित इन दो पवित्र स्थलों में लोगों को सेल्फी लेने पर रोक लगा दी गयी है।

सऊदी सरकार के अधिकारियों ने इन दोनों पवित्र स्थलों पर सेल्फी लेने पर प्रति’बंध लगा दिया है। विभिन्न रिपोर्टें सामने आई हैं, जिन्होंने इस खबर की सत्यता की पुष्टि की है।

जकार्ता पोस्ट के मुताबिक, तुर्की के दैनिक सबा ने बताया था कि सऊदी अधिकारियों ने 12 नवंबर, 2017 से इस पर प्रतिबं’ध लगा दिया है, जबकि 27 नवंबर 2017 को सऊदी अधिकारियों द्वारा इस खबर को सार्वजनिक किया गया था।

प्रो-पाकिस्तानी की एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगर वे तस्वीरें लेते हुए दिखाई देंगे तो गार्ड मोबाइल फोन को जब्त कर लेंगे।

सऊदी अधिकारियों ने मक्के में एक जेवीई द्वारा ली गई एक सेल्फी के उभरने के बाद यह कदम उठाया! जिसने सऊदी सरकार पर इतना विवाद और सवाल खड़े किए कि एक गैर-मुस्लिम ऐसी जगह पर कैसे हो सकता है जहाँ गैर-मुस्लिमों को अनुमति नहीं है। इससे पहले, काबा के सामने होनहार तुर्की युगल के एक वीडियो ने एक महान कहर बनाया था जो वास्तव में कई मायनों में गलत था।

एक रूसी जन्मे यहूदी, बेन तज़ियन को काबा के सामने खड़े देखा गया, उनका ऐतिहासिक स्थानों के सामने सेल्फी लेने का इतिहास है, इसलिए वह सऊदी अरब आए और जाहिरा तौर पर मस्जिद अल हरम में आए, जहाँ गैर-मुसलमानों का प्रवेश द्वार नहीं है संभव भी।