इन दिनों सऊदी अरब में एक वायरल हैशटैग के चलते देश के निवासी यूट्यूब के बंद होने की मांग कर रहे हैं. हजारों सौदियों का कहना है की खाड़ी देश में youtube बंद हो जाना चाहिए .

यह हैश टैग तब शुरू हुए जब मिस्र की एक अदालत ने 2013 के एक विडियो पर एक महिने का प्रतिबंध लगा दिया.

क्या है विडियो में ?

यह निर्णय मिस्र की अदालत के एक वकील के द्वारा दायर किये गए मुकदमे के जवाब में आया है. वकील मोहमम्द हमीद सालेम ने कहा था की “एक वेबसाइट ने पैगम्बर मोहमम्द के बारे में अपमानजनक विडियो अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया है.”

स्टेप फीड की खबरों के अनुसार विडियो का नाम था “इनोसेंस ऑफ़ मुस्लिमस ” . इस लो बजट की 13 मिनट की विडियो को पहली बार वेबसाइट पर 2012 में पोस्ट किया गया था. उस दौरान भी यह विडियो कई क्षेत्रों में बहस का मुद्दा बना था.

हालंकि यह स्पष्ट नहीं है की मिस्र में अदालत का आदेश लगाया जाएगा या नहीं लेकिन यह बहुत ही जल्दी सऊदी ऑनलाइन फैला जिस वजह से सऊदी निवासियों ने इसे बंद करने की मांग की है.

यह सब तब शुरू हुआ जब सऊदी अरब में यह हैश टैग लांच किया गया.

सऊदी अरब में युट्यूब बंद करो.

(मुझे लगता है की वह यह सब बंद कर देंगे जैसे मिस्र ने किया और इस वेबसाइट को बंद होना चाहिए)

एक यूजर ने कहा की “हमें अपने क्रोध को व्यक्त करना होगा और इस्लाम और हमारे पैगंबर को बदनाम करने वाले किसी भी चीज के खिलाफ खड़े रहना होगा. यहां वे हमारी धार्मिक भावनाओं को अनदेखा कर रहे हैं और पैगंबर मोहम्मद के लिए अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करके हमें अपमानित कर रहे हैं.

“अगर अधिकारी राज्य में यूट्यूब को अवरुद्ध नहीं करते हैं तो हम मुसलमानों के रूप में जो हमारे धर्म और हमारे पैगंबर की देखभाल करते हैं, उन्हें ऐप को हटाना होगा.”

किसी ने यूट्यूब डिलीट कर दिया है.

(डिलीट कर दिया है)