जेद्दाह- मंत्रालय के जानकार सूत्रों के मुताबिक, न्याय मंत्री वालिद मोहम्मद अल-समानी 10 साल की लड़की से शादी करने के लिए एक माज़ून (विवाह अधिकारी) को शख़्त लहज़े में चेतावनी जारी की है।

सूत्रों ने कहा कि मंत्री ने बाल संरक्षण कानून के उल्लंघन के बारे में फैसला करने के लिए श्रम और सामाजिक विकास मंत्रालय को विवाह अनुबंध भेज दिया है।

इस प्रणाली के तहत, माज़ों को 17 साल से कम उम्र की लड़कियों को शामिल करते हुए विवाह अनुबंध नहीं करना चाहिए।

मंत्रालय के मुताबिक, इस तरह की शादियां केवल अदालतों द्वारा ही की जाएंगी ताकि कम उम्र की लड़कियों को किसी भी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक बीमारी से बचाया जा सके।

मंत्रालय ने मज़ून की पहचान नहीं की और ना ही लड़की ने कहा कि वह 1431H में पैदा हुई थी।

बाल संरक्षण कानून के तहत, जब शादी की जाती है, तो युवा लड़कियों को मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहायता और आवास में अत्यधिक प्राथमिकता होनी चाहिए।