SOURCE: ARAB NEWS

जेद्दाद: मस्जिद अल-इज़म (मोस्क ऑफ बोन्स) मदीना के 300 किमी उत्तर में स्थित अल-उला राज्यपाल में एक ऐतिहासिक मस्जिद है.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, हिजरा के बाद नौवें साल में जब पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व) जंग के रास्ते पर थे, तब आपने हड्डियों का इस्तेमाल करके किबला (जिस दिशा में मुसलमान नमाज़ अदा करते है) चिह्नित किया क्योंकि आपको उस वक़्त कोई चट्टान नहीं मिल पाई थी.

इस अवसर को चिह्नित करने के लिए, क्षेत्र के निवासियों ने उस स्थान पर एक मस्जिद बनाई और इसे मस्जिद अल-इज़म नाम दिया. उस दौर में यह मस्जिद पत्थर से बनाई गयी थी और मिट्टी का इस्तेमाल दीवारों को ढंकने के लिए किया जाता था, लेकिन वक़्त के साथ मस्जिद में मरम्मत करके कई बदलाव किये गये.

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मदीना के विकास प्राधिकरण के एक शोधकर्ता अब्दुल्लाह कबर ने सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) को बताया कि, “मस्जिद का उल्लेख कई प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्रोतों में पाया जा सकता है. “उन्होंने कहा कि मस्जिद अल-इज़म ने किंग सलमान का ध्यान आकर्षित किया है, जो पूरे सऊदी अरब में कई ऐतिहासिक मस्जिदों को बहाल करने पर केंद्रित है.

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पर्यटन और राष्ट्रीय विरासत के लिए सऊदी आयोग (एससीटीएच) अल-उला में पर्यटन विकसित करने की योजना बना रहा है क्योंकि इसमें कई ऐतिहासिक स्थलों और अवशेष हैं.