भारत में बढती तेल की कीमतों के संकट को दूर करने के लिए सऊदी ने भारत को आश्वासन दिया है. हाल ही में सऊदी के ऊर्जा मंत्री खालिद अल फालिह ने कहा कि भारत की मौजूदा सरकार जिस तरह से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए काम कर रही है वो काबिले तारीफ है. उन्होंने कहा की हम नवम्बर से भारत में तेल की आयात को बढ़ाएंगे.

टाइम्स नाउ के मुताबिक,  सऊदी ऊर्जा मंत्री कहा कि उनका बार बार भारत दौरा इस बात का प्रमाण है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और सऊदी अरब का परस्पर एक होना दोनों देशों के लिए बेहतर है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की नेशनल ऑयल कंपनी सऊदी आर्मको,अबु धाबी की नेशनल ऑयल कंपनी ने 60 मिलियन टन क्षमता वाली रत्नागिरी पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स में 44 बिलियन डॉलर निवेश करने का फैसला किया है.


आपको बता दें की सऊदी ने भारत में तेल आयात बढ़ाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि नवंबर के पहले सप्ताह में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होंगे. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. इसमें ईरान की हिस्सेदारी सऊदी और इराक के बाद तीसरे नंबर पर है. भारत ने ईरान से 2017-18 में 226 लाख टन कच्चा तेल खरीदा था. मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार ने करीब 250 लाख टन कच्चा तेल खरीदने का समझौता किया है.

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अक्तूबर के आखिर तक ईरान से तेल आयात करने में कोई दिक्कत नहीं है. समस्या वित्त वर्ष के आखिरी पांच महीने में होगी. इस आयात की भरपाई सऊदी अरब और इराक से की जाएगी.