रियाद: दो दिन पहले सऊदी अरब की राज्य सुरक्षा प्रेसीडेंसी द्वारा गिरफ्तार “जासूसी सेल” के सदस्यों ने अशरक अल द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक सऊदी के प्रति शत्रुतापूर्ण विदेशी संस्थाओं के साथ संवाद करके झूठी कानूनी संस्था स्थापित करने की कोशिश के जुर्म में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, सूत्रों ने कहा कि सऊदी के अधिकांश सेल के संदिग्धों का दावा है कि वे धार्मिक गतिविधियों  और देश के सिस्टम का उल्लंघन करने के बहस के रूप में मानवाधिकारों का उपयोग कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से एक ने उन लोगों की रक्षा करने के लिए स्वयंसेवा की थी जिन्होंने अराजकता पैदा करने और राज्य के अंदर लड़ाई को उत्तेजित करने की कोशिश की थी.

अरब नाम के मुताबिक, सऊदी के जासूस सेल के एक और सदस्य ने सऊदी अरब के प्रति शत्रुतापूर्ण विदेशी संस्था से संपर्क किया था, ताकि मुसीबत को उकसाने के बदले में वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके.”

अरब न्यूज़ के मुताबिक, विदेश मामलों के शौरा कमेटी काउंसिल के सदस्य डॉ इब्राहिम अल-नाहास ने शनिवार को अशरक अल-अवसत से कहा कि सऊदी अपने सुरक्षा तंत्र की सतर्कता के कारण कई सुरक्षा चुनौतियों पर काबू पाने में सक्षम है.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, अल-क़सीम विश्वविद्यालय में अपराध विज्ञान के प्रोफेसर डॉ यूसुफ अल-रुमाईह ने अशरक अल-अवसत से कहा कि “सऊदी अरब न्याय की नींव पर एक राज्य है और यह कानून के समक्ष सभी के लिए समानता के प्रिंसिपल को दर्शाता है. यहाँ हर किसी के लिए कानून एक ही है.”

इससे पहले, सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने राज्य सुरक्षा के प्रेसीडेंसी के प्रवक्ता का हवाला देते हुए कहा कि सात लोगों को विदेशी संस्थाओं और सऊदी के खिलाफ कार्रवाई के साथ संदिग्ध संचार के लिए गिरफ्तार किया गया है. यह कहा गया है कि अधिकारियों ने लोगों के एक समूह द्वारा समन्वयित गतिविधियों का पता लगाया, जिन्होंने सऊदी के धार्मिक और राष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन करने के लिए संगठित काम किया.