SOURCE: AL ARABIYA

सऊदी का रब ‘अल खली रेगिस्तान सालों से चर्चाओं में बना हुआ है. कहा जाता है कि, इस रेगिस्तान में कई राज़ दफ़न है. इस रेगिस्तान के बारे में लोग तरह-तरह की बातें करते नज़र आते है. लेकिन कई पुरातात्विकों का मानना था कि इस रेगिस्तान के अंदर कुरान-ए-पाक दफ़न किये गये है. इसलिए यहाँ कभी जमीन पर नहीं बनाई गई थी.

SOURCE: AL ARABIYA

अल अरेबिया के मुताबिक, लेकिन आज भी कई पुरातात्विकों का मानना है यहाँ ऐसा कुछ भी नहीं है. भूविज्ञान विशेषज्ञ हमाउद अल-शंती ने कहा कि रूब ‘अल खली इतनी अनूठी चीज को रेत के ट्यूनों में ही अपने सौंदर्य रूपों में नहीं बल्कि भूजल की उपस्थिति भी है. यह बेहद ही खूबसूरत रेगिस्तान है.

SOURCE: AL ARABIYA

अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि, इस रेगिस्तान के निचे पेट्रोल, गैस और भूजल है जो बहुत ज्यादा कीमती है.

अल शंती ने कहा: “रब ‘अल खली एक ऐसी साइट है जो भूगर्भीय संरचनाओं में समृद्ध है. यह अपने कई ओएस, पानी के फव्वारे और रेत के ट्यूनों के प्रावधान के लिए जाना जाता है. रूब ‘अल खली पर आयोजित कई भूवैज्ञानिक अध्ययनों ने मानव बस्तियों के अस्तित्व की पुष्टि की है जो पानी के घाटियों के पास रहते थे जहां तीर के सिर पाए गए थे जो मछली पकड़ने के अभ्यास की पुष्टि करते है और कई सौ साल पहले लोग भी रहा करते थे.

SOURCE: AL ARABIYA

उन्होंने कहा कि मेकुनू चक्रवात के परिणामस्वरूप हालिया भरी बारिश, पिछले 30 सालों या उससे अधिक रूब अल खली में अनुभव नहीं हुई है. पानी गुरुत्वाकर्षण की वजह से कई सालों में धीरे-धीरे रेत और भूजल में जाएगा.

SOURCE: AL ARABIYA

अल शंती ने बताया कि रूब अल खली में कई किस्म के रेत हैं जो, जगह की पहचान और मानव बस्तियों के इतिहास को दर्शाते हैं.

यह साइट रेत के नीचे दफन रहस्यों की एक दुनिया है. अध्ययनों में रब ‘अल खली, गुफाओं, मंगल और सभी उपलब्ध भूवैज्ञानिक कारकों में गिरने वाले उल्कापिंडों की जांच भी शामिल है. सऊदी सरकार ने अपने रहस्यों को खोजने के प्रयास में संभावित अध्ययनों का पता लगाने और संचालन करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है.

SOURCE: AL ARABIYA