अक्सर ऐसे मौके कम ही देखने को मिलते हैं जब कोई इन्सान खुद की जिन्दगी को खतरे में डालकर किसी जानवर को बचाता है.और अगर जब जानवर कोई और नहीं बल्कि इन्सान का सबसे बड़ा वफादार कुत्ता हो.ऐसा एक उदाहरण सऊदी अरब में मिला है. जहां एक व्यक्ति ने सिर्फ कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर उसे बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पसंद किया.

क्या था मामला ?

अरब नामा को सऊदी अरब के दैनिक अखबार से मिली खबरों के अनुसार ताईफ क्षेत्र में एक सऊदी युवक ने अपनी बहादुरी और साहस का तब प्रदर्शन किया जब उसने कहीं दूर से एक कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनी और वह एक कुत्ते को बचाने के लिए आधी रात में कुएं में कूद गया.

सऊदी युवा का नाम हानी अल-नफीई है.

व्यक्ति ने कहा की “अँधेरा होने के बाद मै ताइफ के दक्षिण में अपने गांव में स्थित हमारे घर के आंगन में बैठा था और अचानक मैंने रोने की आवाज सुनी जिसे सुनकर प्रतीत हो रहा था की यह किसी के रोने की आवाज है.”

सऊदी व्यक्ति ने कहा की “मैं अपनी फ्लैशलाइट लेकर आगे बढ़ गया और मेरे भाई ने ध्वनि के स्रोत का पता लगाने में मेरी मदद की.कुँए की तरफ हम आगे बढे और हम समझ गए की यह आवाज इसी कुँए से आ रही है.”

कुत्ते की आँखों में था डर 

नफीई ने आगे कहा की “फ्लैशलाइट का उपयोग करने पर हमने कुँए के नीचे की तरफ देखा तो कुँए के अंदर एक कुत्ता फंसा हुआ था, जिसकी आँखों में डर और दुःख दोनों  ही मुझे दिखाई दिया. मैंने कुत्ते की तरफ अपने हाथों से इशारा किया तो मुझे लग गया था की वह अपनी जान बचाने के लिए मुझसे प्रार्थना कर रहा है, जिसके बाद मुझे लगा की मुझे इसे बचाना चाहिए. “

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने कुत्ते को दो सेकंड में बचाने की योजना बनाई और इसलिए उन्होंने रस्सी ली और कुत्ते को बांधने के लिए वह खुद कुँए में चला गया. भले ही युवक को कुत्ता ना पहचानता हो पर मुसीबत के वक्त कुत्ता बिलकुल शांत रहा.

सऊदी व्यक्ति ने कहा की “कुत्ते को कुँए से निकालने के बाद कुत्ता मेरे साथ मेरे घर आया और मेरे ही घर में बैठा रहा लेकिन उसके बाद वह वहां से चला गया.

जवान आदमी अपने व्यवहार को एक प्रकार की लापरवाही और खतरे के रूप में वर्णित करने से इंकार कर देता है। उनके लिए, वास्तविक खतरे ऐसी परिस्थितियों में अपनी मानवता को रद्द करने में निहित है।