SOURCE: ARAB NEWS

रियाद: म्यांमार में मानवाधिकारों के दुरुपयोग के पीड़ितों को खाद्य और चिकित्सा सहायता प्रदान करने वाले मानवीय प्रयासों में मानवतावादी सहायता और राहत के लिए किंग सलमान केंद्र ने मानवीय प्रयासों में वृद्धि की है. रमजान के यहाँ लोग भुखमरी की चपेट में ना आयें इसलिए सऊदी ने यह बड़ा फैसला लिया है.

अरब न्यूज़ के मुताबिक, रियाद के किंग सलमान मानवतावादी सहायता और राहत केंद्र (केएसआरआईएलईईएफ) मुख्यालय के मीडिया सलाहकार आज़म ओबायद ने सोमवार को बताया कि किंग सलमान रलिफ़ ने म्यांमार के अराकान प्रांत के गांवों में जरूरतमंद परिवारों को खाद्य टोकरी वितरित की.

अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, रोहिंग्या मुस्लिम, म्यांमार में मुसलमानों का सबसे बड़ा प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं, सबसे ज्यादा विस्थापित मुसलमान राखिने राज्य में रहते हैं.

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इस राज्य की भुखमरी और बदहाली देखते हुए सऊदी ने खाद्य टोकरी वितरण म्यांमार समेत कई देशों में परेशान लोगों के लिए केएसआरिलिफ़ द्वारा किए गए मानवीय परियोजनाए शुरू की है ताकि किसी भी गरीब देश को रमज़ान के दौरान दिक्कत का सामना ना करना पड़े.

किंग सलमान रिलिफ़ में स्वास्थ्य और पर्यावरण सहायता के निदेशक डॉ अब्दुल्लाह अल-मोलेम ने अरब न्यूज़ को बताया कि केंद्र से एक मेडिकल टीम ने म्यांमार का दौरा किया और यांगून में अस्पताल की आवश्यकताओं का आकलन किया, साथ ही जरुरतमंदों को मेडिकल सेवाएं दी गयी.

अल-मोलेम ने कहा कि, “किंग सलमान के आदेश से एक विशेष चिकित्सा दल ने चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए म्यांमार की यात्रा की, मुख्य रूप से इस्लामी चैरिटी अस्पताल में ईलाज के लिए”, उन्होंने आगे कहा कि टीम जमीन पर वास्तविकता देखने के लिए वहां का दौरा कर रही है.

किंग सलमान रिलीफ ने ईलाज के लिए अस्पताल में 300,000 डॉलर से मदद की है. साथ ही मेडिकल टीम की यात्रा म्यांमार में सऊदी दूतावास के माध्यम से विदेश मंत्रालय द्वारा समन्वयित की गई थी. आपको बता दें कि किंग सलमान रिलीफ समय-समय पर दुनिया भर के विभिन्न गरीब देशों में केंद्र की परियोजनाओं को लागू करती है उनकी मदद करती है.